Translate 'As Time Flies'

September 16, 2014

पानी में भी प्यासे

यह है आम आदमी कि व्यथा 
इक कोने में प्यासा 
दूजे कोने में पानी में ही फसा ।। 

दोनों ओर मौत का साया 
कोई सूखे से हारा 
कोई बाढ़ का मारा ।।
न कहीं सुख न आराम 
जो घर में सुरक्षित 
सो भी परिजनों के लिए परेशान ।।

कहते दुःख के दिन ज़्यादा होते  नहीं 
लेकिन सुख आते आते 
सब असहाय हो  जाते ।। 

फिर सूरज निकलेगा 
हर कोना खिल जाएगा 
लेकिन जो पल उजड़ गया
क्या वह लौट आएगा ?

6 comments

  1. न कहीं सुख न आराम
    जो घर में सुरक्षित
    सो भी परिजनों के लिए परेशान ।।

    कहते दुःख के दिन ज़्यादा होते नहीं
    लेकिन सुख आते आते
    सब असहाय हो जाते ।।
    एकदम बढ़िया

    ReplyDelete
  2. nice post
    http://wwwsanvibhatt.blogspot.in/

    ReplyDelete
  3. Replies
    1. Dhanyawaad Geeta Ji. Welcome to the blog.

      Delete

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